सुन्नत

रसूलअल्लाह (स.व) का हर काम सुन्नत हैं ?

कुछ लोगों मानते हैं कि रसूलअल्लाह (स.व) द्वारा किया गया हर काम सुन्नत है। इस अवधारणा (तसव्वुर) का विश्लेषण करते हुए ग़ामिदी साहब लिखते हैं:[1] कुरआन में यह बात बिलकुल साफ़ है कि अल्लाह के पैगंबर उसका दीन लोगों तक पहुँचाने के लिए आये, उनके इस पैगंबर होने की क्षमता में (पैगंबर की हैसियत से) …

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सुन्नत और हदीस का फ़र्क

सुन्नत और हदीस का फ़र्क

अकसर सुन्नत और हदीस दोनों शब्दों को पर्यायवाची या एक ही चीज़ समझा जाता है, लेकिन दोनों की प्रामाणिकता (सच्चाई) और विषय-वस्तु (मोज़ू) में बहुत अंतर है। रसूलअल्लाह (स.व) के कथन (क़ौल), कार्य (फेअल) और स्वीकृति एवं पुष्टि (इजाज़त और तस्दीक) की रिवायतों (लिखित परंपरा) या ख़बरों को इस्लामी परिभाषा में ‘हदीस’ कहा जाता है।  यह हदीसें इस्लाम के …

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दाढ़ी की दीन में हैसियत

लेख़क: मुहम्मद असजद दाढ़ी की दीन में क्या हैसियत (स्थान) है इस पर बात शुरू करने से पहले कुछ बुनियादी बातें हम ज़ेहन में रख कर चलेंगे। सबसे पहले यह की किसी भी चीज़ को दीन का दर्जा (श्रेणी) देने या हराम (निषिद्ध) करार कर देने का हक (अधिकार) सिर्फ अल्लाह और उसके रसूल को …

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