10
MAR
2017

मुस्लिम और ग़ैर मुस्लिम

इस्लाम के सिवा बाक़ी तमाम मज़हबों के मानने वालों को ग़ैर-मुस्लिम कहा जाता है। यही शब्द/परिभाषा उन लोगों के लिए भी है जो किसी दीन या मज़हब को नहीं मानते। ये कोई अपमान का शब्द नहीं है, बल्कि सिर्फ इस वास्तविकता का इज़हार है कि वो इस्लाम के म
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06
FEB
2017

क्या सारे गैर-मुसलिम निंदनीय काफ़िर हैं ?

लेखक: शेहज़ाद सलीम अनुवाद: मुहम्मद असजद आमतौर पर यह माना जाता है कि सभी गैर-मुसलिम काफ़िर हैं जिनको कुरआन[1] में निंदा (मज़म्मत) और दंड के योग्य बताया गया है। यह धारणा सही नहीं है। एक व्यक्ति काफ़िर तब बनता है जब वह सच को पहचान ले और उस पर पूरी तरह आश्वस्त (कायल) हो और उसके बाद भी वह सच क
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24
JAN
2017

क्या हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है कि वह इस्लामी रियासत कायम करे?

लेखक: डॉ शहज़ाद सलीम अनुवाद: मुहम्मद असजद कुछ आलिम यह राय रखते हैं कि हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है कि वह जहाँ रह रहा हो वहां इस्लामी रियासत (राष्ट्र) कायम करे और इस्लामी शरीअत लागू करे। इसके लिए वह रसूलल्लाह (सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम) की मिसाल देते है और कहते हैं कि जिस तरह उन्होंने अरब में इस
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